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Mun Shymali Shaga Bikali

250.00

ପୁରୁଣା କାଳିଆ ଗାଉଁଲି ଶବ୍ଦ ଓ ଗାଁ ଚଳଣି କୁ ନେଇ ଅମିତା କର କିପରି ତାଙ୍କ ଗଳ୍ପ ଗୁଡ଼ିକରେ ବର୍ଣ୍ଣନା କରିଛନ୍ତି ତାହାକୁ ନ ପଢିଲେ ବିଶ୍ବାସ କରି ହେବନି। ଗାଁ କୁ ଭଲ ପାଇବା, ଗାଁ ର ମୋହ, ଗ୍ରାମ୍ୟ ଜୀବନ ର ନିଛକ ସତ ଯେମିତି ଅଙ୍ଗେ ଲିଭା କଥା ଶବ୍ଦ ପ୍ରାର୍ଚୁଯ୍ୟ ରେ ଭରା ଥାଇ କବିତା ,ଗପ ଆଉ ଉପନ୍ୟାସ ର ଆଖ୍ୟା ନେଇଛି। ପାଠକଙ୍କୁ ଲେଖା ଭିତରେ ବାନ୍ଧି ରଖିବାର କଳା କୌଶଳ ଜାଣିଚି। ଅମିତା କର ଙ୍କର ଏଇ ପ୍ରଥମ ଉପନ୍ୟାସ ‘ମୁଁ ଶ୍ୟାମଳୀ ଶାଗ ବିକାଳି ‘ ଏକ ଗାଉଁଲି ନାରୀ ର ସଂଘର୍ଷ ମୟ ଜୀବନ କାହାଣୀ।ପାଠ ପଢୁଆ ମଧ୍ୟବିତ୍ତ ପରିବାର ର ନାରୀ ଟିକୁ ସମାଜ, ପରିବାର ହଠାତ୍ ଏକଘରିକିଆ କରିଦିଏ ବଞ୍ଚିବାର କୈାଣସି ସାଧନ ନ ଥାଇ ସେ ପେଟ ଚାଖଣ୍ଡକ ପାଇଁ ବାଛିନିଏ ବଞ୍ଚିବାର ପନ୍ଥା ଶାଗ ବିକିବା।ଶାଗ ବିକି କେହି ଧନୀ ହେଇ ପାରେ ନା ଗୋଟେ ବକ୍ତ ଖାଇ ଆର ଓଳି ପାଣି ପିଇ ଶୋଇପଡେ?ପଢିଲେ ସିନା ଜାଣିବା ଉପନ୍ୟାସ ‘ମୁଁ ଶ୍ୟାମଳୀ ଶାଗ ବିକାଳି ‘ । ଉପନ୍ୟାସ ଟି ପାଠକୀୟ ଆଦୃତି ଲାଭ କରୁ ଜଗନ୍ନାଥ ଙ୍କ ନିକଟରେ ଏହାହିଁ ବିନୀତ ପ୍ରାର୍ଥନା।ଶ୍ରଦ୍ଧାନୁବଦ୍ଧ…

It is impossible to believe how Amita Kar has described the old village words and village customs in her stories without reading them. The love for the village, the charm of the village, the true truth of rural life, like the words of the mouth, are filled with the essence of poetry, gossip and novels. She has mastered the art of keeping the reader engaged in the writing. Amita Kar’s first novel ‘I am Shamli Shaag Bikali’ is the story of the struggle of a village woman. The society and family suddenly make the woman of an educated middle-class family a housewife and she has no means of survival. She chooses to sell vegetables as a way of survival. Can someone get rich by selling vegetables or does one eat one meal and then drink water and fall asleep? Read the novel ‘I am Shamli Shaag Bikali’. This is my humble prayer to Lord Jagannath, who is getting a lot of readership for this novel. With all my heart…

A Lyrical Trail & Other Poems

300.00

‘A Lyrical Trail’ is an assortment of sixty poems by Anwesha Bhattacharya, an ardent writer of prose and poetry, which takes the reader through a fascinating trail of verses, written soulfully. This book is her debut solo poetry repertoire which embraces a gamut of emotions, through a multitude of topics. The collection offers a soulful dive into the poet’s imagination through lucid, yet creative verses.

आजा़द पंछी

250.00

‘आजा़द पंछी’ काव्य संकलन अमिता कर की साठ कविताओं का संग्रह है। इस काव्य संकलन की कई सारी कवितााएँ मार्मिक और हृदय स्पर्शी हैं । अपनी भावना, अपनी अनुभूति, शब्दों में पिरोया है अमिता कर ने। उम्मीद है ‘आजा़द पंछी’ काव्य संकलन सभी पाठकों को पसंद आएगी।

अंतर्मन के दीप

Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹299.00.

हिंदी साहित्य में एम ए उत्तीर्ण करने के पश्चात श्रीमती स्मृति श्रीवास्तव ने अपना सम्पूर्ण समय हिन्दी एवं भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार को समर्पित किया। इनका दृढ़ विश्वास है कि भाषा, कला और परंपरा का भविष्य युवा पीढ़ी के योगदान पर निर्भर है तथा इसी विचार को साकार करने के लिए इन्होंने अध्यापिका के रूप में नई दिल्ली के सेंट थॉमस स्कूल में विभिन्न वर्गों का हिंदी तथा संस्कृत में 20 वर्ष मार्गदर्शन किया है।

साथ ही दिल्ली विश्विद्यालय के नेत्रहीन छात्रों के लिए दुर्लभ पुस्तकों के पाठों को पढ़ कर सुनाने और उनको रिकॉर्ड करने का भी कार्य किया और जरूरतमंद महिलाओं की सहायता के लिए दिल्ली की गरीब बस्तियों में भी जाती रहीं।

“अंतर्मन के दीप” काव्य संग्रह की कविताओं में इन्होंने जीवन के सभी पहलुओं को उजागर करने का प्रयत्न किया है उसमें भक्ति रस की कविताएं,  प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन तथा देशप्रेम की भावनाओं से सिंचित शौर्य गाथाओं के साथ साथ महिला सशक्तिकरण तथा प्रकृति के दोहन शोषण की पीड़ा तथा बदलते सामाजिक परिवेश से संबंधित भावनाओं पर भी कविताएं हैं।इसके पहले लेखिका के  ‘ प्रतिबिंब  ‘ अभिव्यक्ति ‘ तथा अन्तर्ध्वनि शीर्षक से तीन एकल काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।

लेखिका एशियन लिटररी सोसायटी परिवार से अपनी कविताओं तथा चित्रों की भागीदारी के साथ  वर्षों से जुड़ी हुई हैं और उसके वार्षिक सम्मेलनों में भी भाग लेती रही हैं। लेखिका हिंदी साहित्य सम्मेलन, काव्य कला मंच, लम्हे जिंदगी के, द न्यू भारत काव्यांजलि, अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति आदि संस्थाओं से जुड़ी हुई हैं और विभिन्न अवसरों पर सम्मानित होती रही हैं।

Reflections of the Heart

Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹299.00.

In *Reflections of the Heart*, Saurabh Dutt paints life’s everyday canvas with strokes of humour, tenderness, and truth. From office corridors to festive nights, from heartfelt tributes to tongue-in-cheek observations, each poem captures the rhythm of modern living — the laughter, the longing, and the lessons we gather along the way.

His verses celebrate relationships — father and child, husband and wife, friend and colleague — while quietly urging us to pause, smile, and feel. Whether it’s the wisdom of “Less is More” or the playful banter of “Tips for a Groom,” Saurabh’s voice remains distinct: sincere, self-aware, and deeply human.

A delightful blend of reflection and repartee, this compilation reminds us that poetry need not be distant — it lives in the laughter of our homes and the warmth of our hearts.

Chala Ame Gaon Ku Pheri Jiba

Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹249.00.

A modern urban man still longs for his village, the water and wind of the village, which is reflected in his poetry collection ‘Let’s go back to the village’. She knows the art of writing poems, stories, and novels about the rural lifestyle, and keeping the reader engaged in the writing. The village’s activities, festivals, her childhood, and adolescence are flawlessly filled with the richness of words in the poetry collection ‘Let’s go back to the village’. May the above poetry collection of Amita Kar gain readership; this is my humble prayer to Lord Jagannath.

ଆଧୁନିକ ସହରୀ ଜୀବନ ବଞ୍ଚୁଥିବା ମଣିଷ ଟିଏ ଆଜି ବି ତାଙ୍କ ଗାଁ ,ଗାଁ ର ପାଣି ପବନ କୁ ଝୁରି ହେଉଛନ୍ତି ତାହା ତାଙ୍କ କବିତା ସଙ୍କଳନ ‘ଚାଲ ଆମେ ଗାଁକୁ ଫେରିଯିବା’ ରେ ପ୍ରତିଫଳିତ।ଗ୍ରାମୀଣ ଜୀବନ ଶୈଳୀ କୁ ନେଇ କବିତା ,ଗପ , ଉପନ୍ୟାସ ଲେଖି ପାଠକଙ୍କୁ ଲେଖା ଭିତରେ ବାନ୍ଧି ରଖିବାର କଳା ତାଙ୍କୁ ଜଣା। ଗାଁ ର ଚଳନି, ପର୍ବ ପର୍ବାଣୀ, ତାଙ୍କ ପିଲାଦିନ , କୈଶୋର ର ଅନୁଭୂତି ନିଖୁଣ ଭାବରେ ଶବ୍ଦ ପ୍ରାଚୁର୍ଯ୍ୟ ରେ ଭରା ଥାଇ ‘ଚାଲ ଆମେ ଗାଁକୁ ଫେରିଯିବା’ କବିତା ସଙ୍କଳନ ଟି। ଅମିତା କର ଙ୍କର ଉକ୍ତ କବିତା ସଙ୍କଳନ ଟି ପାଠକୀୟ ଆଦୃତି ଲାଭ କରୁ ଏହା ହିଁ ପ୍ରଭୁ ଜଗନ୍ନାଥଙ୍କ ନିକଟରେ ମୋର ବିନୀତ ପ୍ରାର୍ଥନା

मन की परिक्रमा

Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹299.00.

काव्य संग्रह “मन की परिक्रमा” मेरे अंतर्मन की उस यात्रा का प्रतिफल है, जिसमें मैंने जीवन से जुड़े समाज के विविध रंगों, अनुभवों और प्रश्नों को आत्मसात किया है। यह संकलन मेरे भीतर के संसार की वह परिक्रमा है, जो शब्दों के माध्यम से बाहर प्रकट हुई है। यदि मेरी कविताएँ पाठकों के हृदय को छू सकें, उन्हें सोचने, महसूस करने और जुड़ने का अवसर दें, तो यह मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।

तुम्हारी यादों के फूल

Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹299.00.

डॉ. मीनल की पुस्तक ‘तुम्हारी यादों के फूल’ में विविध विषयों पर लिखी 40 कवितायें समाहित हैं जो एशियाई साहित्यिक सोसायटी राष्ट्रीय लेखन स्प्रिंट 2024 (6 नवंबर से 15 दिसंबर 2024 तक 40 – दिवसीय लेखन चुनौती) के आयोजन के अंतर्गत लिखी गई थी। यह कवितायें पढ़कर पाठकों को असीम आनंद की प्राप्ति होगी। उनकी यादों के पटल पर भी अनगिनत रंगों के फूल खिलेंगे, चटखेंगे और उन्हें अपनी महक से सराबोर कर देंगे।

 

ठूंठा बरगद और एकाकी पथिक

Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹249.00.

ठूंठा बरगद और एकाकी पथिक, अमिता कर का मार्मिक काव्य-संकलन है जिसकी कविताएँ दुख, मातृत्व, समय, सत्य जैसे विषयों पर केंद्रित हैं। पुस्तक की सरल शब्दों में छिपी गहन संवेदनाएँ पाठकों को भाव-विभोर करने के साथ ही आत्ममंथन की ओर भी ले जाती हैं। आशा है कि पाठकों को अमिता कर की नवीनतम प्रस्तुति पसंद आएगी।

वो सिलवटें करार की थीं

Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹299.00.

“वो सिलवटें करार की थीं” – हृदय की गहराइयों से निकलीं वो कोमल भावनाएँ, जिन्हें लेखक ने शब्दों में बुनकर आपके समक्ष प्रस्तुत किया है। इस काव्य-संग्रह की हर रचना जीवन के अनकहे रहस्यों, गहन अनुभवों और उड़ान भरती कल्पनाओं का अनुपम मेल है, जो पाठकों के मन को छूकर अवश्य पसंद आएगी।

 

Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹290.00.

“Soul Whispers” is a collection of soulful poems by Manoj Krishnan. Through these verses, the poet explores the full spectrum of human emotions. Infused with poise, elegance, and profound emotion, they leave a lasting impression that resonates long after reading.

अमावस्या में जन्मी

Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹249.00.

“अमावस्या में जन्मी” अमिता कर का पहला गल्प संग्रह है, जो उनके अनुभवों, स्मृतियों और भावनाओं का संकलन है। इस संग्रह में प्रस्तुत हर एक कहानी को जैसे उन्होंने जी ली नज़दीकी से, अनुभव कर ली उसके हर एक पहलू को। उनकी कहानियां सरल, लेकिन प्रभावी शब्दों में जीवन की जटिलताओं को दर्शाती हैं। कहीं खुद कहानी के किरदार बन जाती है वो, कहीं कहानी में स्वयं खो जाती हैं। इस पुस्तक में उन पात्रों की यात्रा है जिन्होंने अपनी पहचान,अपनी जगह और अपने आत्मसम्मान को ढूंढने की कोशिश की है।

 

वो रंग प्यार के थे

300.00

About the Book:

“वो रंग प्यार के थे” दिल को छू लेने वाली भावनाओं की अभिव्यक्ति है जिसे लेखक ने शब्दों के माध्यम से आपके समक्ष प्रस्तुत किया है। इस संकलन की कविताएं जीवन के अनकहे एहसासों, गहरे अनुभवों और लेखक की कल्पनाओं का सम्मिश्रण हैं जो पाठकों को अवश्य पसंद आएगी।

About the Author:

मनोज कृष्णन एशियन लिटरेरी सोसाइटी (एएलएस) के संस्थापक हैं जो दुनिया भर के हजारों पाठकों, लेखकों और कवियों का समुदाय है। वह “कनिष्का” उपन्यास, कविता संग्रह-“द फ्रेगरेंस ऑफ नेचर एंड लव”, “इन्चेंटिंग कोरिया”, “सांग ऑफ़ साइलेंस”, “मैं शिव बन जाऊँगा”, “नागमणि दर्शन”, एवं “वो धुआं कुछ रौशन था” के लेखक हैं। उन्होंने कविताओं और लघु कथाओं की तीस से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संकलनों का संपादन किया है।

टिमटिमाते जुगनू

450.00

𝑨𝒃𝒐𝒖𝒕 𝒕𝒉𝒆 𝑨𝒖𝒕𝒉𝒐𝒓:

अनिता चंद एक लेखिका एवं कवयित्री हैं। इनकी प्रकाशित कविता संग्रह-मेरी अभिव्यक्ति, कुछ दिल ने कहा और उन्मुक्त हैं। इन्होंने बच्चो के लिए दो पुस्तकें- जंपिंग युग एवं बाइस्कोप और बचपन की दुनिया भी लिखी है। इनके कई साझा काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। इनकी कविता को NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

𝑨𝒃𝒐𝒖𝒕 𝒕𝒉𝒆 𝑩𝒐𝒐𝒌:

“टिमटिमाते जुगनू” यह कहानी नव युवाओं पर लिखी गई है। बचपन युवा अवस्था में प्रवेश करने के दौरान ऊँची उमंगों की उड़ान भरते हुए अक्सर पथ से भ्रमित हो जाता है। इस कहानी में आज के युवा को टिमटिमाते जुगनू की तरह माना गया है जो जुगनू की रौशनी से आकर्षित होकर चमक तक पहुँच तो जाता है पर वह समझ नहीं पाता ये जुगनू रात के साथी हैं दिन के नहीं, जो रात को रौशन कर मार्ग से भटका कर कब अँधेरे में पहुँचा देते हैं, यह समय गंवाने के बाद ही नवयुवक समझ पाता है।

नवरस

350.00

नवरस काव्य संकलन में जीवन से जुड़े नौ रसों (श्रृंगार, करुणा , हास्य, रौद्र, वीर, भयानक, वीभत्स, अद्भुत, और शांत रस)के भाव को शब्दों में पिरोकर कविता के रूप में पाठकों के सम्मुख पेश किया गया है। आशा है कि पाठकों को ये कविताएँ पसंद आएँगी।

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