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The Rhythm of Falling Leaves

300.00

Through these verses, the poet explores the delicate rhythms of life—its transience, love and loss, silent bonds, resilience, and quiet renewal—drawing from nature, mythology, and heartfelt personal reflections. Infused with lyrical grace, profound emotion, and quiet introspection, they leave a lasting impression that resonates long after reading.

This exquisite poetry collection enthralls readers, enchanting their hearts and souls.

बस यूँ ही भाग 2

300.00

“बस यूँ ही…”
ज़िंदगी जितनी बड़ी है, उतनी ही छोटी भी।
कभी एक चाय की चुस्की में मुस्कान मिल जाती है,
कभी एक गली के मोड़ पर पुरानी यादें।
इस पुस्तक में सौरभ दत्त ने
उसी रोज़मर्रा की दुनिया को
हल्की-सी मुस्कराहट और नरम-सी नज़ाकत के साथ शब्दों में गूंथा है।
यहाँ आपको—
कभी पड़ोस वाली आंटी मिलेंगी,
कभी गोलगप्पों का फ़लसफ़ा,
कभी जिम न जाने के बहाने,
कभी रिश्तों की गंभीर पर सधी हुई परछाइयाँ,
कभी पंजाबियत की महक,
और कभी बचपन की सच्ची, मीठी यादें।
कविताएँ न तो दार्शनिक बनना चाहतीं हैं ,
और न ही उपदेश देना।
ये बस आपकी ही दुनिया हैं—
आपके ही घर की आवाज़ें,
आपके दिल के हल्के-फुल्के जज़्बात,
और ज़िंदगी की अनगिनत छोटी-छोटी हँसी।

बस यूँ ही भाग 1

300.00

“बस यूँ ही…”
ज़िंदगी जितनी बड़ी है, उतनी ही छोटी भी।
कभी एक चाय की चुस्की में मुस्कान मिल जाती है,
कभी एक गली के मोड़ पर पुरानी यादें।
इस पुस्तक में सौरभ दत्त ने
उसी रोज़मर्रा की दुनिया को
हल्की-सी मुस्कराहट और नरम-सी नज़ाकत के साथ शब्दों में गूंथा है।
यहाँ आपको—
कभी पड़ोस वाली आंटी मिलेंगी,
कभी गोलगप्पों का फ़लसफ़ा,
कभी जिम न जाने के बहाने,
कभी रिश्तों की गंभीर पर सधी हुई परछाइयाँ,
कभी पंजाबियत की महक,
और कभी बचपन की सच्ची, मीठी यादें।
कविताएँ न तो दार्शनिक बनना चाहतीं हैं ,
और न ही उपदेश देना।
ये बस आपकी ही दुनिया हैं—
आपके ही घर की आवाज़ें,
आपके दिल के हल्के-फुल्के जज़्बात,
और ज़िंदगी की अनगिनत छोटी-छोटी हँसी।

Where Silence Learned To Breathe

300.00

What happens when silence speaks louder than words?
When destiny tests courage?
When love demands sacrifice?
This compelling anthology of short stories explores the complexities of human relationships, moral dilemmas, hidden desires, and the quiet battles fought behind composed smiles. Each narrative unfolds layers of truth — sometimes tender, sometimes unsettling — but always deeply human.
Raw, evocative and profoundly moving, this collection invites readers to confront emotions they often suppress and truths they hesitate to face.

मेरी यादों के धागे

300.00

मेरी कविताओं की किताब ‘मेरी यादों के धागे’ बहुत ही रोचक और ज्ञानवर्धक है। मेरा पाठकों से निवेदन है कि वे इन कविताओं को अवश्य पढ़ें और रूहानी लाभ उठायें।

अंतर्मन के दीप

Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹299.00.

हिंदी साहित्य में एम ए उत्तीर्ण करने के पश्चात श्रीमती स्मृति श्रीवास्तव ने अपना सम्पूर्ण समय हिन्दी एवं भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार को समर्पित किया। इनका दृढ़ विश्वास है कि भाषा, कला और परंपरा का भविष्य युवा पीढ़ी के योगदान पर निर्भर है तथा इसी विचार को साकार करने के लिए इन्होंने अध्यापिका के रूप में नई दिल्ली के सेंट थॉमस स्कूल में विभिन्न वर्गों का हिंदी तथा संस्कृत में 20 वर्ष मार्गदर्शन किया है।

साथ ही दिल्ली विश्विद्यालय के नेत्रहीन छात्रों के लिए दुर्लभ पुस्तकों के पाठों को पढ़ कर सुनाने और उनको रिकॉर्ड करने का भी कार्य किया और जरूरतमंद महिलाओं की सहायता के लिए दिल्ली की गरीब बस्तियों में भी जाती रहीं।

“अंतर्मन के दीप” काव्य संग्रह की कविताओं में इन्होंने जीवन के सभी पहलुओं को उजागर करने का प्रयत्न किया है उसमें भक्ति रस की कविताएं,  प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन तथा देशप्रेम की भावनाओं से सिंचित शौर्य गाथाओं के साथ साथ महिला सशक्तिकरण तथा प्रकृति के दोहन शोषण की पीड़ा तथा बदलते सामाजिक परिवेश से संबंधित भावनाओं पर भी कविताएं हैं।इसके पहले लेखिका के  ‘ प्रतिबिंब  ‘ अभिव्यक्ति ‘ तथा अन्तर्ध्वनि शीर्षक से तीन एकल काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।

लेखिका एशियन लिटररी सोसायटी परिवार से अपनी कविताओं तथा चित्रों की भागीदारी के साथ  वर्षों से जुड़ी हुई हैं और उसके वार्षिक सम्मेलनों में भी भाग लेती रही हैं। लेखिका हिंदी साहित्य सम्मेलन, काव्य कला मंच, लम्हे जिंदगी के, द न्यू भारत काव्यांजलि, अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति आदि संस्थाओं से जुड़ी हुई हैं और विभिन्न अवसरों पर सम्मानित होती रही हैं।