“अमावस्या में जन्मी” अमिता कर का पहला गल्प संग्रह है, जो उनके अनुभवों, स्मृतियों और भावनाओं का संकलन है। इस संग्रह में प्रस्तुत हर एक कहानी को जैसे उन्होंने जी ली नज़दीकी से, अनुभव कर ली उसके हर एक पहलू को। उनकी कहानियां सरल, लेकिन प्रभावी शब्दों में जीवन की जटिलताओं को दर्शाती हैं। कहीं खुद कहानी के किरदार बन जाती है वो, कहीं कहानी में स्वयं खो जाती हैं। इस पुस्तक में उन पात्रों की यात्रा है जिन्होंने अपनी पहचान,अपनी जगह और अपने आत्मसम्मान को ढूंढने की कोशिश की है।
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